5 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले GST करदाताओं के लिए लागू हुए नए नियम

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ऐसे GST करदाता जिनका पिछले वित्तीय वर्ष में 5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर है, उन्हें बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) रसीद पर 4 अंकों का एचएसएन कोड देना जरूरी होगा.

बता दें कि इसके पहले क्रमशः 4 अंकों और 2 अंकों की जरूरत थी.

एक अप्रैल 2021 से पिछले वर्ष 5 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले जीएसटी करदाता (GST Taxpayers) के लिए 6 अंकों वाला एचएसएन कोड (HSN Code) प्रस्तुत करना (नामकरण कोड का हार्मोनाइज्ड सिस्टम ) और करयुक्त वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर रसीद जारी करते वक्त सर्विस अकाउंटिंग कोड (एसएसी) अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा ऐसे जीएसटी करदाता जिनका पिछले वित्तीय वर्ष में 5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर है, उन्हें बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) रसीद पर 4 अंकों का एचएसएन कोड देना जरूरी होगा. बता दें कि इसके पहले क्रमशः 4 अंकों और 2 अंकों की जरूरत थी. अधिक जानकारी के लिए, अधिसूचना संख्या 78/2020-केंद्रीय कर, दिनांक 15.10.2020 से ली जा सकती है.  जो इस लिंक

https://www.cbic.gov.in/resources//htdocs-cbec/gst/notfctn-79-central-tax-english-2020.pdf

 

 

पर प्राप्त किया जा सकता है . इस आधार पर जीएसटी करदाता को एक अप्रैल 2021 से अपने रसीद में एचएसएन/एसएसी की जानकारी देना अनिवार्य हो गया है.


Gst pic वस्तुओं के लिए 6 अंकों वाला एचएसएन कोड सभी जगह के लिए मान्य

 

वस्तुओं के लिए 6 अंकों वाला एचएसएन कोड सभी जगह के लिए मान्य है. इसलिए सीमा शुल्क और जीएसटी के लिए एक ही एचएसएन कोड होगा. इस आधार पर सीमा शुल्क के लिए तय कोड का इस्तेमाल जीएसटी (जिनका खास तौर से जीएसटी दर सूची में उल्लेख किया गया है) के लिए भी किया जा सकेगा. सीमा शुल्क में एचएस कोड को हेडिंग (4 अंकों वाला एचएस), सब हेडिंग (6 अंकों वाला एचएस) और टैरिफ आयटम (8 अंक) के रुप में परिभाषित किया गया है. यह दस्तावेज सीबीआईसी की वेबसाइट पर प्राप्त किए जा सकते हैं.

सीमा शुल्क के लिए एचएसएन कोड को इस वेबसाइट

https://www.cbic.gov.in/htdocs-cbec/customs/cst2021-020221/cst-idx

से प्राप्त किया जा सकता है.

 

वस्तुओं और सेवाओं के लिए जीएसटी दर सूची को

https://www.cbic.gov.in/htdocs-cbec/gst/index-english

लिंक पर प्राप्त किया जा सकता है और इसके बाद इस जगह से GST Rates/Ready reckoner-Updated Notifications/Finder/GST Rates Ready Reckoner/Updated Notifications हासिल किया जा सकेगा. इसके अलावा जीएसटी पोर्टल पर एचएसएन सर्च सुविधा भी उपलब्ध है.

मैन्युफैक्चरर्स और आयातक/निर्यातक एक ही एचएसएन कोड का इस्तेमाल करते हैं. मैन्युफैक्चरर्स जीएसटी व्यवस्था से पहले भी इन कोड की जानकारी देते थे. आयातक/निर्यातक इन कोड की जानकारी आयातक/निर्यातक दस्तावेज में भी डालते थे. इसी तरह ज्यादातर ट्रेडर्स मैन्युफैक्चरर या आयातक द्वारा वस्तुओं की आपूर्ति के समय जारी रसीद पर भी एचएसएन कोड की जानकारी देते थे. ऐसे में बड़े पैमाने पर जीएसटी करदाता 6/8 अंकों वाले एचएस कोड्स/एसएसी की अपनी रसीद, ई-वे बिल और जीएसटीआर-1 रिटर्न में स्वैच्छिक रुप से जानकादी पहले से ही दे रहे हैं. इनपुट पीआईबी

निष्कर्ष :

दोस्तों ये पोस्ट पढ़िए और कोई भी सवाल इससे जुड़े आपके मन हो तो आप मुझे कमेंट करके पूछ सकते है और अच्छा लगे तो अपने दोस्तों को भी शेयर कीजिए जिससे उनको ये नियम नहीं पता होगा तो वो भी जान सके । लाइक और शेयर जरूर कीजिए । आप सब मुझे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी जुड़ सकते है लिंक आपके सामने है ।

 

यह भी पढ़े :

शिक्षा का महत्व Importance of Education

 

 

 

 

 

 

 

 

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