भारत की राजनीती कैसी है ?

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नमस्ते दोस्तों , आज हम बात करने जा रहे है की भारत की राजनीती कैसी है ? अर्थात देश की राजनीती और दिशा किस ओर जा रही है , वैसे तो आप सब हर दिन न्यूज़ पढ़ते होंगे ओर देखते भी होंगे लेकिन सवाल यह की जो जो न्यूज़ दिखाना चाहिए , जो हमारे समाज को बताना चाहिए और जो काम  होना चाहिए देश की जनता के लिए क्या वो सब हो रहा है ? तो चलिए आज हम और आप मिलकर हर  Topic पर अपनी बात रखते है और अंत में आप सब अपनी महतव्पूर्ण विचार जरूर रखे । सबसे पहले तो भारत की राजनीती कैसी है और क्या है इसके बारे में बात करते है फिर आगे ये देखेंगे की देश में अभी क्या हो रहा है ?

  1. भारत की राजनीती

भारत की राजनीति (Indian Politics) संविधान के ढाँचे में काम करती हैं। जहाँ पर राष्ट्रपति देश का प्रमुख होता हैं और प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता हैं।

भारत एक संघीयसंसदीय, लोकतांत्रिक गणतंत्र हैं, भारत एक द्वि-राजतन्त्र का अनुसरण करता हैं, अर्थात, केन्द्र में एक केन्द्रीय सत्ता वाली सरकार और परिधि में राज्य सरकारें।

संविधान में संसद के द्विसदनीयता का प्रावधान हैं, जिस में एक ऊपरी सदन (राज्य सभा) जो भारतीय संघ के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करता हैं, और निचला सदन (लोक सभा) जो भारतीय जनता का प्रतिनिधित्व करता हैं, सम्मिलित हैं।

शासन एवं सत्ता सरकार के हाथ में होती है। संयुक्त वैधानिक बागडोर सरकार एवं संसद के दोनो सदनों, लोक सभा एवं राज्य सभा के हाथ में होती है। न्याय मण्डल शासकीय एवं वैधानिक, दोनो से स्वतंत्र होता है।

संविधान के अनुसार, भारत एक प्रधान, समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष, लोकतांत्रिक राज्य है, जहां पर सरकार जनता के द्वारा चुनी जाती है। अमेरिका की तरह, भारत में भी संयुक्त सरकार होती है, लेकिन भारत में केन्द्र सरकार राज्य सरकारों की तुलना में अधिक शक्तिशाली है, जो कि ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली पर आधारित है। बहुमत की स्थिति में न होने पर सरकार न बना पाने की दशा में अथवा विशेष संवैधानिक परिस्थिति के अंतर्गत, केन्द्र सरकार राज्य सरकार को निष्कासित कर सकती है और सीधे संयुक्त शासन लागू कर सकती है, जिसे राष्ट्रपति शासन कहा जाता है। भारत का पूरा राजनीति खेल मंत्रियों के द्वारा निर्धारित होता है। भारत एक लोकतांत्रिक और धार्मिक और सामुदायिक देश है। जहां युवाओं में चुनाव का बढ़ा वोट केंद्र भारतीय राजनीति में बना रहता है यहां चुनाव को लोकतांत्रिक पर्व की तरह बनाया जाता है। भारत में राजनीतिक राज्य में नीति करने की तरह है।

भारत की राजनीति ऐसी राजनीति जो आज के समय में लोकतंत्र के सबसे सहि पायदान पर है भारत की राजनीति जिसमें सभी व्यक्ति को समानता अधिकार प्रदान करने के लिए चुनाव होता है और वही हो रहा है? भारत की राजनीति बाजार की तरह थी लेकिन वर्तमान सरकार के वजह से अत्यधिक पारदर्शी हो गई है भारत की राजनीति को अलग अलग तरीकों से जैसे बाजार का कोई भी सामान अलग अलग मूल्य से काम नहीं हो सकता था। विशेष लोगों के लिए विशेष छूट और अन्य के लिए कोई भी प्रकार की कटौती नहीं। भारत एक लोकतंत्र देश है लेकिन इस देश में लोकतंत्र का कोई महत्व दिखाई नहीं पड़ रहा था,लोकतंत्र को दिखाई देने के लिए एक क्रमबद्ध तरीके से लोकतंत्र चुनाव तब का समय था कि केवल अपने फायदे के लिए जनता को आगे करें जा रहे थे राजनीति पूरी तरह से भारत में नाम मात्र का रह चुका था राजनीति नहीं यह तो राज्य नीति है राजनीति का सही अर्थ है राज्य की नीति को कैसे सुचारू रूप से चलाया जाए जो की पहली बार देश में देखने को मिल रहा है।

   2. पार्टियों की विचारधारा

वैसे तो हमारे देश में सभी राजनितिक पार्टी देश के लिए काम कर रही है उनके हिसाब से लेकिन जो हकीकत है और जो टीवी न्यूज़ और न्यूज़ पेपर में देखता हु और पढ़ता हु तब ये कहना उचित होगा की कुछ राजनीतक पार्टी सिर्फ अपने लिए और अपने धर्म के लोगों  लिए और अपने परिवार के लिए  काम करती है न की देश की जनता के लिए , उनके लिए उनका घर, पार्टी , और पार्टी की लोग ही देश है और उसी के लिए काम करने को देश का काम बोल देते है और इस देश की जनता भी बहुत जल्दी उनकी बातों में आ जाते है आप लोग देखते होंगे आज कई जगह फ्री वाला पार्टी भी आ गया है मतलब हद है इस देश में  बिज़नेस करने वाला आदमी , मेहनत से काम करके कमाने वाला आदमी टैक्स देता है ताकि उसको और इस देश की आम गरीब जनता जो बहुत मुश्किल से दो वक्त की रोटी खा पता है उसके लिए ये राजनितिक पार्टी काम करे उसके लिए सुविधा सब मुहैया कराये लेकिन यहाँ उल्टा है जो आदमी , परिवार अपनी खर्चा उठा सकता है जो आर्थिक स्थिति से बहुत ठीक है उसके लिए  सब कुछ फ्री क्यों ?

इस देश में अब तो यह भी देखने को मिलता है की कोई व्यक्ति अगर देश विरोधी और देश की बाटने की बात करता है या किसी जगह रैली और धरना देता है तो कुछ राजनितिक पार्टी वहां पहुंच कर साथ देते है और जो नहीं जा सकते वो न्यूज़ के माध्यम अपनी बात उस तक पहुंचते है और खुल कर बोलते है और हमारा कानून भी किसी को कुछ नहीं करता है  और तो और  उसके लिए भी इस देश में हजार लोग खरे हो जाते है लेकिन अब सवाल उठता है क्यों ?

 

निष्कर्ष :-

दोस्तों इस लेख में आप सब एक पहलु जान गए होंगे की राजनितिक पार्टी क्या चाहती है और क्या करती है ? अगर जान गए तो कमेंट में मुझे बताये और दोस्तों मै इस पर दूसरा लेख भी लिखूंगा जिसमे आप सब की राय भी नाम के साथ दर्ज होगा तब तक इंतजार कीजिये और अपने दोस्तों भी शेयर कीजिए जिससे वो भी अपना महत्वपूर्ण विचार रख सके ।

 

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